राशि तुल्य नवमांश और नवमांश तुल्य राशि

जो कोई ग्रह जिस नवमांश में होता है तो वह नवमांश की जो राशि होती है वह राशि में ग्रह की राशि आती हो तो ग्रह की नवमांश तुल्य राशि में ग्रह का राशि तुल्य नवमांश हैं।

कोई कुंडली में सूर्य कुंभ राशि में और मिथुन नवमांश में हैं। यहां ग्रह कुंभ राशि में और मिथुन नवमांश में हैं। मिथुन राशि में कुंभ नवमांश आता है। इसलिए ग्रह राशि तुल्य नवमांश और नवमांश तुल्य राशि में हैं ऐसा कहा जाता हैं।

जब गोचर में सूर्य मिथुन राशि में और कुंभ नवमांश में आएगा तब वह अपने कारकत्व अनुसार और अपने अधिपति का फल देगा।

जल तत्व की राशि (४,८,१२) में मेष, वृषभ, मिथुन ये राशियों नवमांश तुल्य राशि में राशि तुल्य नवमांश में नहीं आएगा।

वायु तत्व की राशि (३,७,११) में कर्क, सिंह, कन्या ये राशियों नवमांश तुल्य राशि में राशि तुल्य नवमांश में नहीं आएगा।

पृथ्वी तत्व की राशि (२,६,१०) में तुला, वृश्चिक, धनु ये राशियों नवमांश तुल्य राशि में राशि तुल्य नवमांश में नहीं आएगा।

अग्नि तत्व की राशि (१,५,९) में मकर, कुंभ, मीन ये राशियों नवमांश तुल्य राशि में राशि तुल्य नवमांश में नहीं आएगा।

ग्रह को अपनी नवमांश तुल्य राशि में अधिक बिंदु मिल रहा हो तो ग्रह अधिक बलवान बनता हैं।

शनि जिस नवमांश में से निकल रहा है वह नवमांश तुल्य राशि आपकी जन्म कुंडली में जिस भाव में हो उस भाव संबंधित कष्ट होता है। वहाँ पर २५ से कम बिंदु हो तो अवश्य तकलीफ देता हैं।

नेहा शाह।

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